UPSC Interview : साक्षात्कार के लिए आवश्यक गुण

तो आप ने सिविल सेवा के साक्षात्कार के बारें में पढ़ा होगा और यहां आये होंगे तभी जाके यहां जो दिया हैं वह आपको समज में आएगा नहीं तो उसकी संभावना कम हैं की ये क्या लिखा हैं ?

तो यहा हम सिविल सेवा के परीक्षा के साक्षात्कार के लिए जो आवश्यक गुण चाहिए उनको हम यहां देखने जा रहे हैं जो की सिविल सेवा के साक्षात्कार के लिए चाहिए क्योंकि इनका ही उपयोग करके आपको प्रश्न पूछे जायेंगे.

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तो इन सब बातों को आप जानो, समझो और उसके उसके अनुसार सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करो तभी जाके आपको उसका फल मिलेगा. तो अब हम देखते हैं की क्या गुण सिविल सेवा में जाने के लिए चाहिए.

परिचयवृत का अभिलख : यहाँ यो जो परिचयवृत हैं उसको DAF कहते हैं. इस DAF में आप अपनी सारी जानकारी भरेंगे और उसका उपयोग आपको प्रश्न पूछने के लिए किया जाएगा.

सामान्य रूचि की बाते : यहाँ जो सामान्य रूचि की बातें हैं वह कुछ भी हो सकती हैं उसमे आपको आपके  परिवार के बारे में पूछा जा सकता हैं, आपके पाठशाला के बारें में पूछा जा सकता हैं, आपके परिसर के बारे में पूछा जा सकता हैं, आपका तालुका, जिल्हा, समाज या जो उनको आपके परिचयवृत में दिखेगा और अगर उसमे कुछ अच्छा हैं तो अच्छे के बारे में पूछेंगे, और बुरा हैं तो बुरे के बारे में पूछेंगे और उसको अच्छा कैसा किया जा सकता हैं उसके बारे में पूछेंगे. इन सबका मतलब ये हैं की उनके मन में जो प्रश्न आयेंगे वह वो लोग पूछेंगे मतलब वह लोग कुछ भी पूछ सकते हैं और अगर आपको आता हैं तो बोल दो नहीं तो कहो “मुझे पता नहीं हैं” या “मुझे पता हैं/था लेकिन उसको अभी मैं अभी याद नहीं[recall] कर रहा हूँ.”

मानसिक क्षमता : मानसिक क्षमता मतलब आप कितना सोच सकते हो किसी चीज के बारे में, किसी घटना के बारे में, किसी विषय के बारे में इत्यादि.

बौद्धिक गुण : यहां बौद्धिक गुण और मानसिक क्षमता दोनों मिलते-जुलते हैं मतलब आपके पास बौद्धिक गुण नहीं हैं तो आप अच्छा सोच भी नहीं सकते. हमको पता हैं ऐसे लोग होते हैं जिनमे ये क्षमता नहीं होती हैं.

सामाजिक लक्षण : क्या आप समाज के अनुसार चलते हो? इसका मतलब ये नहीं हैं की आप अपने समाज में जो प्रथाए हैं उनका पालन करते हो की नहीं. इसका मतलब ये जो समाज हैं वह मैं हु आप हैं ,मैं अलग हूं आप अलग हो मैं हिन्दू हुं, आप जैन, मुस्लिम, सिख, बौद्ध कुछ भी होंगे लेकिन हम जो सब करते हैं उनकें अनुसार हमारे लक्षण होते हैं , हम कोई गलत नहीं करते , हम किसी को मारते नहीं हैं, चोरी नहीं करते. इधर मेरे कहने का मत ये हैं की जो ज्यादा लोग करते हैं वैसा हम करते हैं क्या की जो कम लोग करते हैं वैसी सोच हैं अपनी ? तो इसकी पड़ताल कुछ प्रश्नों के माध्यम से की जाएगी ऐसा मेरा कहना हैं.

मानसिक सतर्कता: आप मानसिक कितना सतर्क हो ? मतलब आप कितने हुशार हो . कोई आपका आपके जेब में पॉकेट उड़ाके ले जाये वह भी पता नहीं होगा तो आप की सतर्कता क्या हैं ?. इसका ये मतलब नहीं हैं की सतर्कता का उपयोग सिविल सेवा परीक्षा क्या हैं इसका मतलब जो लोग कुछ बुरा करने की सोचते हो या तो वह आपके साथ हो या अपने जनता के साथ तो क्या उसे आप पकड़ सकते हो अपने मानसिक क्षमता पे जैसे रेलवे पे तो टिकट मास्टर होता हैं वह कैसे किसी को भी बुलाता हैं और टिकट चेक करता हैं वैसी सतर्कता लेकिन ये सतर्कता सबसे अलग हैं यहाँ आपको कहा जॉब रहेगी वहा क्या होता हैं उसके बारे में सतर्कता होनी चाहिए. ये जो कहा हैं वह गलत भी हो सकता हैं आपके हिसाब से क्योंकि मैं मानस शास्त्र का विद्यार्थी नहीं हूं . आपको पता हैं तो बता देना दूसरों को भी.

आलोचनात्मक ग्रहण: आलोचनात्मक ग्रहण का मतलब गन्दी बातों को आप कैसे उत्तर देते हो या कैसे सहन करते हो. मतलब आपने कुछ गलत किया हैं या अपने विभाग से कुछ गलत हुआ हैं तो कोई बुरा भला कहता हैं उसको भी शांत होकर सुनने की क्षमता को आलोचनात्मक ग्रहण बोलते हैं.

शक्ति: ये आलोचनात्मक बाते सुनने या सुनाने की शक्ति कितनी हैं आपके पास.

स्पष्ट और तर्कसंगत प्रतिपादन की क्ति: आपकी शक्ति जो सटीक जानकारी दे किसी जानकारी के बारे में वह भी तर्क से.

संतुलित निर्णय की शाक्ति: न इसके साथ न उसके साथ आपको काम करना हैं संविधान के साथ. संतुलित निर्णय ये नहीं होता की मेरे हिसाब से क्या अच्छा है ? या हो सकता हैं  इसका मतलब होता हैं संविधान में क्या हैं ? उसके हिसाब से निर्णय देना हैं. आपका निर्णय दो लोगों को प्रभावित नहीं करेगा वह अपने विभाग को, तालुके को, जिल्हे को, राज्य को . या फिर देश को प्रभावित कर सकता हैं.

और ऐसे निर्णय देने में आपको सिलेक्ट होके ३० साल तक नौकरी करनी होती हैं तब जाके आप उस मुकाम पे जाते हो और तब आपके निर्णय का परिणाम देश पे होगा.

 रुचि की विविधता और गहराई नेतृत्व : आपकी रूचि क्या हैं और और उसकी गहराई कितनी हैं ? मतलब सिविल सेवा परीक्षा क्या हैं वह सब एक लाइन में कह सकते हैं लेकिन सब लोग उसे उस गहराई तक नहीं बताएँगे और उनको नहीं आएंगा आपको और मुजको भी नहीं . ये तो एक विषय हुआ इसके जैसे बहोत सारे विषयों में आपकी रूचि और गहराई होनी चाहिए और उसमे ये सिविल सेवा विषय नहीं चाहिए.

सामाजिक संगठन की योग्यता: सामाजिक संगठन की योग्यता मतलब अपने पोलिटिकल लीडर होते हैं वैसा. मतलब आप लोगों का संघटन करो न की उसमे खाई. हमारे देश में हम एक हैं लेकिन हम विविधता में हैं तो उनमे संघटन बनाने की तो क्षमता चाहिए आपमें और इसका परिक्षण भी किसी प्रश्न से किया जाएगा.

बौद्धिक और नैतिक ईमानदारी :  ये जो ईमानदारी होती हैं ये सबसे अलग हैं और अगर आप इमानदार नहीं हो तो बाकि चीजो पर भी लोग विश्वास नहीं रखेंगे और आप कुछ नहीं कर पाएंगे. मतलब आप सिविल सेवा में इमानदार होना चाहिए.

मानसिक गुण: मानसिक गुण जो सब मे होते हैं वह आप में भी चाहिए. मुझे इसके बारें ज्यादा पता नहीं की ये यही हैं. उसे मानसिक गुण  होते क्या हैं? मुझे लगता हैं की लोग पागलपन जैसा व्यवहार करते हो वैसा नहीं करना चाहिए . मतलब आपको पागल होने वाली बीमारी न हो.

अपने विद्यालय के विशेष विषयों में ही पारंगत: अपने विद्यालय में जो पढ़े हो और जिन विषयों में आप पढ़े हो उन विषयों का ज्ञान आपको चाहिए. हम सब विषय १० वी तक तो पढ़ते हैं लेकिन पदवी के लिए हमे अगल अलग विषय रहतें हैं या फिर एक ही विषय के अलग अलग विषय रहते हैं तो उसके बारे में पता होना चाहिए की उन विषयों में क्या पढाया जाता हैं. और तो और अगर उन विषयों के बारे में कुछ घटनाये होती हैं तो उसमें भी आपकी रूचि हो और आपको वह आना चाहिए. और तो और अपने राज्य में क्या चल रहा हैं उस विषय में या फिर देश में क्या हालात हैं उस विषय में या दुनिया के स्थर पे क्या चल रहा हैं उस विषय में तो वह आपको पता होना चाहिए.

मतलब , समजो की की मैं एक Information Technology का  विद्यार्थी था तो मुझे टेक्नोलॉजी में रूचि चाहिए. मुझे वह आना चाहिए, और उस विषय के बारें में क्या चल रहा हैं मतलब वह विषय क्या दे रहा हैं दुनिया को , और इस विषय का क्या उपयोग होता हैं हर दिन .

मतलब हम जो पदवी लेते हैं वह पढ़ने के लिए नहीं होती हैं उसका संबध काम से होता हैं . आप कौनसा भी विषय ले लो उसका उपयोग किसी न किसी काम में होता हैं.

आधुनिक विचारधारा : आप में आधुनिक विचारधारा भी होनी चाहिए मतलब ये जो कुछ होते हैं न की जिसको हम कहते हैं ऐसा कुछ नहीं होता हैं और ये ऐसा हैं ऐसा नहीं. इस तरह का विचार मतलब आधुनिक विचारधारा होता हैं.

और

नई-नई खोजों में भी रूचि : जो दुनिया में नई खोजें होती हैं उनमें भी आप की रूचि होनी चाहिए.

तो ये सारे गुण आप में होने चाहियें जिसका उपयोग सिविल सेवा की तैयारी के लिए होगा और अपने जीवन में भी होगा.

धन्यवाद !!!

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